Friday, May 24, 2013

Being Human.........Dr.Shalini Agam


3 comments:

Dr.Shalini Agam said...

शब्द चुराकर लाएं कहाँ से
पेड़ों पर नही लगते शब्द ।
इतनी सुन्दर छवी देखकर
कौन नहीं होगा स्तब्ध ॥
व्हाट्सऐप पर कोई अप्सरा
जिस दिन स्वर्ग से आएगी
देख शालिनी रूप तुम्हारा
जल भुनकर मर जायेगी ॥
अपनी रति को कामदेव भी
फिर तलाक दे सकता है ।
तुम्हें देखने के खातिर वह
वाई फाई ले सकता है ॥beautiful lines by Raghav ...... Thank you so much 😊

Dr.Shalini Agam said...

Raghav u have potential of writing..why u don't write publicly

संजय एस.कुमार गीते said...

बहुत सुन्दर स्वयमेव चित्रण.........:)