Monday, May 17, 2010

dr.sweet angel (कुछ शब्द मेरे आपने) काम-ऊर्र्जा उपचार

नमस्ते भारतवर्ष,
काम -ऊर्जा से उपचार
काम-ऊर्जा को यदि हम क्षणिक काम-सुख पाने के लिए न करके ,रोग मुक्ति के लिए करें तो ? आश्चर्य -चकित न हों ध्यान से पढ़ें ..........
हमारा मन बहुत तीव्र गति से कार्य करता है ,अपनी बौद्धिक -शक्ति से हम मन को इच्छानुसार गति देने में सक्षम हैं

काम-सुख में निमग्न होते समय हम रोग-ग्रस्त भाग प़र ध्यान केन्द्रित करें.काम-ऊर्जा और रोग-ग्रस्त स्थल के बीच संपर्क स्थापित करें।
काम-सुख के चरम बिंदु प़र पहुँचने के क्षण ही हम काम-उर्जा को रोग-स्थल प़र पहुंचा दें । न-न कोई मुश्किल कार्य नहीं है बस थोडा सा मन को साधना है। जिस क्षण काम-ऊर्जा अपनी चरम-स्तिथि में आये तब उसी क्षण अपना ध्यान रोग-स्थल प़र केन्द्रित कर दें.एक पंथ दो काज । दोनों ही कार्य सफलता-पूर्वक हो जायेंगे.कोई तनाव नहीं लायें ना पहले ना बाद में केवल यह ठीक उसी पल संभव है जब चरम-बिंदु प़र पहुँचाने के लिए काम-ऊर्जा संचित होती है.

शिव और शक्ति के मिलन को रोग - निवारण का स्रोत भी बनाया जा सकता है।

9 comments:

ramesh said...

this is wonderful

Anonymous said...

OOOOOOOOOO WHAT A PERSONALTY
WHAT A STYLE..........
WHAT A ATTITUDE ...........
I LIKE U

dr.kant said...

SUPERBBBBBBBB DR.SHALINI

yours said...

shaliniagam

I Can Sense Your Presence,
I Can Feel Your Fragrance,
You Are The Most Beautiful Happening Of My Life..

चेतना के स्वर said...

achchha likha hai
chitthajagat me swagat

aapke man ke moti u hi bikharte rahe
shubhkamnayen
with regard
pradeep

चेतना के स्वर said...

comment se work verification hata dijiye sahaj rahega
pleeezzzzz

Dr. shyam gupta said...

रोग ग्रस्त भाग पर( कहीं भी और) ध्यान देते ही , काम -क्रिया टूट जायेगी एवम अर्ध त्रप्ति या अत्रिप्ति से अनेक मनोविकार उत्पन्न होजायेंगे, बजाय कुछ ठीक होने के॥
-- काम सुख में निमग्न होते समय कहीं और ध्यान होगा तो कामेच्छा ही जाती रहेगी। काम एक तप है जो एकाग्रता के बिना नहीं होसकता ।
"---प्रेम गली अति सांकरी जा में दो न समायं ।"

NIHAL SINGH said...

SHALINI .........I APPLIED THIS THERAPY ........IT IS REALLY WORKING
THANKYOU

भूतनाथ said...

kyaa kahun shaalini.....jab tak is par kaary nahin kar letaa....tab tak kuchh kahaa bhi to nahin jaa saktaa...!!!