Wednesday, April 14, 2010

kuch shabd mere apne

show details 1:58 PM (3 minutes ago)

कुछ देर सिमट कर जी लूं मैं,
तुम्हारे मखमली आगोश में,
कुछ देर मचल कर अंगड़ाई लूं मैं,
महकती गर्म साँसों के घेरे में,
सहमी तर तराई इस ख़ुशी को ,
समेट लो अपने बाजुओं में ,
टिकी रहे देर तक मुझ प़र,
भुला दे,जो मुझसे मुझको,
मादकता में बहके हम दोनों,
खों जाएँ एक-दूसरे में.....................
डॉ.शालिनीअगम
व्व्व.aarogyamreiki.com

4 comments:

Anonymous said...

GOOD GOING SHAAAAAAAAA

Anonymous said...

DR.SHALINI THIS IS REALY HEART TOUCHING

Dr.Sarvesh said...

very nice.........

Dr.Mahesh Khanna said...

keep it up dr. shaliniagam